आम लोग बड़ी उम्मीद के साथ पंजाब में कांग्रेस सरकार को सत्ता में लाए और आम लोगो को उम्मीद भी थी कि उनके सरकारी दफ्तरों में काम बड़ी आसानी से हो जाया करेंगे परंतु जलान्धर के बस्ती बावा खेल थाने की पुलिस आम लोगो को इंसाफ दिलाने में पूरी तरह फैल दिखाई दे रही वैसे तो जलान्धर का बस्ती बावा खेल थाना किसी न किसी मुद्दे को लेकर आये दिन चर्चा में रहता है ऐसा ही एक मामला बस्ती बावा खेल का सामने आया है।

हरीश कुमार नामक व्यक्ति ने बस्ती बावा खेल थाने में एक शिकायत अपनी पत्नी सुनैना , राहुल चाचा व राज कुमार उर्फ राजू के खिलाफ करीब आज से 13 दिन पहले दी थी जिस पर हरीश का कहना है कि आज तक थाना मुलाजीमो द्वारा कोई सुनवाई नही की है , उन्हीने कहा कि हर रोज़ इंसाफ लेने के चक्करो में थाना बस्ती बावा खेल में आ कर बैठ जाते है वह हर रोज थाने के मुलाजिम के सामने कर्यवाही करने का आग्रह , मिनते-तरले करते है परंतु बस्ती बावा खेल में तैनात मुलाजीमो के कान पर जु तक नही रेंगती वह अपना काम काज छोड़ रोज़ पुलिस थाने के चक्कर लगा कर थक चुके है।

आगे उन्हीने बताया कि उनकी शादी को हुए 9 साल हो चुके है उनका का बेटा भी है। उनका कहना है कि कुछ समय पहले उनकी शादीशुदा ज़िन्दगी सही थी। बाद में उसकी पत्नी अपने चाचा राहुल के संपर्क में आई जोकि नाश करने का आदि है, चाचा राहुल पर हरीश कुमार ने उसकी पत्नी को बहलाने फुसलाने व किसी किसी व्यक्ति के साथ नाजायज सबंद बनवाने के संघीन आरोप लगाए है। हरीश कुमार ने बताया कि चाचा राहुल पहले भी ऐसा कर चुका है जिसका फैसला अमृतसर के एमसी घुमान ने करवाया था।

हरीश कुमार बताया कि उनकी पत्नी 5 मई 2019 को फिर घर से भाग गई थी और उक्त दोषियो के सपर्क में है। आगे हरीश कुमार ने बताया कि आधी रात को उसको एक मोबाइल फ़ोन से फोन आया और फोन करने वाले ने उससे गालीगलौज किया और मुझे मारने की धमकियां भी दी जा रही, जिसकी ऑडियो की रिकॉर्डिंग सबूत के तौर पर उन्होंने थाना में भी दे दी ही। हरीश कुमार ने कहा कि उक्त दोषी कभी उन्हें जानी नुकसान पहुँचा सकते है।

आगे उन्होंने कहा कि वह इस मामले कई बार एसीपी को भी मिल चुके है परन्तु अभी तक थाना मुलाजीमो को और से कोई कर्यवाही नही की गई हर बार उन्होंने यही कह कर टाल दिया जाता है कि अभी इलेक्शन ड्यूटी में व्यस्त है।

हरीश कुमार में अंत मे पुलिस द्वारा कुछ न किये जाने पर मीडिया का सहारा लिए और कहा कि अगर जल्द बस्ती बावा खेल थाने में उनकी सुवाई नही तो जल्द ही वह इसके खिलाफ एक बड़ी प्रेस कांफ्रेंस भी करेंगे और उकसे बाद इंसाफ के लिए वह जलान्धर पुलिस कॉमिशनर दफ्तर के बाहर भूख हड़ताल पर बैठने में कोई परहेज नही करेंगे जिसका ज़िमेदार जलान्धर पुलिस होगी।

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